MP आबकारी नीति 2026-27: नई शराब दुकानें बंद
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Madhya-Pradesh-Excise-Policy-2026-27
मध्य प्रदेश में 2026-27 की नई आबकारी नीति लागू, नई शराब दुकानें नहीं खुलेंगी और अहाते पूरी तरह बंद रहेंगे।
महुआ मदिरा को बढ़ावा, निर्यात प्रक्रिया सरल और ई-चालान/ई-बैंक गारंटी अनिवार्य कर पारदर्शिता पर जोर।
Bhopal/ मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति लागू कर दी है, जिसके तहत राज्य में शराब बिक्री व्यवस्था को अधिक नियंत्रित, पारदर्शी और राजस्व उन्मुख बनाने का प्रयास किया गया है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही कई सख्त प्रावधान लागू हो गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में एक भी नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी और मौजूदा व्यवस्था में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
नई नीति के अनुसार प्रदेश में नई मदिरा दुकानों की अनुमति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। पहले से संचालित दुकानों के अहाते, जहां बैठकर शराब सेवन की सुविधा मिलती थी, बंद ही रहेंगे। किसी भी पुरानी दुकान का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। नर्मदा तट से पांच किलोमीटर की दूरी का प्रतिबंध यथावत रखा गया है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का ध्यान रखा जा सके। पवित्र नगरों में शराब दुकानों के संचालन पर पहले से लागू रोक भी जारी रहेगी।
राज्य की सभी 3553 शराब दुकानों का आवंटन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ई-निविदा प्रक्रिया में अधिकतम पांच दुकानों का एक समूह बनाया जा सकेगा और एक समूह को पांच से अधिक दुकानें आवंटित नहीं होंगी। जिलों को आरक्षित मूल्य के आधार पर तीन से चार बैच में विभाजित कर चरणबद्ध ई-ऑक्शन आयोजित किया जाएगा।
फर्जीवाड़े की संभावनाओं को रोकने के लिए प्रतिभूति राशि के रूप में केवल ई-चालान या ई-बैंक गारंटी को मान्यता दी गई है। साधारण बैंक गारंटी या एफडी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। इससे वित्तीय लेन-देन की निगरानी मजबूत होगी।
विनिर्माण इकाइयों और बार की लाइसेंस फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत मदिरा निर्माताओं को अपने उत्पाद की कीमत पोर्टल पर घोषित करने की अनुमति दी गई है, जिसके लिए अलग अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए फीस संरचना में संशोधन और लेबल पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
नई नीति में आदिवासी स्व-सहायता समूहों को भी बढ़ावा देने का प्रावधान है। महुआ से निर्मित पारंपरिक मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी फ्री कराने के प्रयास किए जाएंगे। बदले में संबंधित राज्यों की विशेष मदिरा को मध्य प्रदेश में ड्यूटी फ्री लाने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का दावा है कि यह नीति राजस्व वृद्धि, सामाजिक संतुलन और पारदर्शिता के बीच संतुलित मॉडल प्रस्तुत करती है।